Tuesday, 24 December 2019

Long queue in Winter Wonderland|Hyde Park London UK

Long queue in Winter Wonderland|Hyde Park London UK



Hyde Park Winter Wonderland is London’s spectacular Christmas destination and is FREE to enter! Located in the heart of London, see Hyde Park beautifully transformed with sparkling winter magic, and immerse yourself in all things festive. Winter Wonderland is open every day from 10 am to 10 pm.
There are endless possibilities for culinary adventures which will delight your senses at Hyde Park Winter Wonderland.
Open 10 am-10 pm every day until 5 Jan 2020. Closed Christmas Day.

Thursday, 19 December 2019

OCI new rules update|30 जून 2020 को OCI कार्ड पुन: जारी करने की समयसीमा को बढ़ा दिया गया

OCI new rules update|30 जून 2020 को OCI कार्ड पुन: जारी करने की समयसीमा को बढ़ा दिया गया



दुबई में बुधवार को भारतीय वाणिज्य दूतावास ने घोषणा की कि कुछ ओसीआई (भारत के प्रवासी नागरिक) कार्डधारकों के सामने आने वाली कठिनाइयों के मद्देनजर, भारत सरकार ने अब कुछ मामलों में 30 जून, 2020 तक अस्थायी छूट देने का फैसला किया है।
यदि 20 वर्ष से कम आयु के एक ओसीआई कार्ड धारक को पासपोर्ट बदलने पर ओसीआई कार्ड दोबारा जारी नहीं किया गया है, तो वह अपने मौजूदा ओसीआई कार्ड के बल पर पुराने पासपोर्ट नंबर के आधार पर यात्रा कर सकता है। नए पासपोर्ट के साथ, OCI कार्डधारक OCI कार्ड में उल्लिखित पुराने पासपोर्ट को ले जाता है।





इसके अलावा, अगर एक ओसीआई कार्ड धारक जिसने 50 वर्ष की आयु प्राप्त कर ली है और उसे अपना पासपोर्ट बाद में नवीनीकृत किया है, लेकिन पासपोर्ट के नवीनीकरण पर ओसीआई कार्ड जारी नहीं किया है, तो वह मौजूदा के बल पर यात्रा कर सकता है। पुराने और नए पासपोर्ट के साथ ओसीआई कार्ड।
आम तौर पर, OCI कार्ड को हर बार नए पासपोर्ट के लिए 20 वर्ष की आयु तक के कार्डधारक द्वारा अधिगृहीत किए जाने की आवश्यकता होती है। साथ ही, सामान्य रूप से, 50 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद नए पासपोर्ट प्राप्त करने पर एक बार ओसीआई कार्ड जारी किया जाना आवश्यक है।

Wednesday, 11 December 2019

हॉलैंड पार्क एवेन्यू लंदन|Hyde Park to Shepherds Bush road view

हॉलैंड पार्क एवेन्यू लंदन




हॉलैंड पार्क एवेन्यू, पश्चिम मध्य लंदन में केंसिंग्टन और चेल्सी के रॉयल बरो में स्थित एक सड़क है। यह सड़क पूर्व में नॉटिंग हिल गेट से पश्चिम में हॉलैंड पार्क गोल चक्कर तक चलती है, यह लंदन को ऑक्सफोर्ड और इंग्लैंड के पश्चिम से जोड़ने वाली पुरानी पश्चिम सड़क का एक हिस्सा बनाती है और इसे A402 सड़क का हिस्सा माना जाता है।

हॉलैंड पार्क एवेन्यू की वर्तमान डिजाइन 19 वीं शताब्दी में रखी गई थी। व्यस्त ट्रैफिक आर्टरी होने के बावजूद, सड़क को बड़े पैमाने पर स्थापित प्लेन के पेड़ों के साथ भव्य रूप से खड़ा किया गया है और बड़े विक्टोरियन टाउनहाउस के आकर्षक छतों के साथ-साथ कई हाई-एंड शॉप्स और रेस्तरां हैं।

राजनीतिक रूप से, हॉलैंड पार्क एवेन्यू चार कैस वार्डों की सीमाओं पर स्थित है: नॉरलैंड, हॉलैंड, पेम्ब्रिज और कैमडेन।

गली के दक्षिण में, हॉलैंड पार्क है, जो लंदन के सबसे बड़े और सबसे रोमांटिक पार्कों में से एक है, जिसमें एक जापानी उद्यान, ओपेरा हाउस और कई मोर हैं।

Tuesday, 10 December 2019

लंदन में अद्भुत रीजेंट स्ट्रीट|Wonderful Regent Street in London

लंदन में अद्भुत रीजेंट स्ट्रीट




रीजेंट स्ट्रीट लंदन के वेस्ट एंड में एक प्रमुख खरीदारी सड़क है। इसका नाम जॉर्ज, प्रिंस रीजेंट (बाद में जॉर्ज IV) के नाम पर रखा गया था और इसे वास्तुकार जॉन नैश और जेम्स बर्टन के निर्देशन में रखा गया था। यह सेंट जेम्स के दक्षिणी छोर पर वाटर जेम्स प्लेस से पिकाडिली सर्कस और ऑक्सफोर्ड सर्कस से होते हुए ऑल सोलो चर्च तक चलता है। वहां से लैंगहम प्लेस और पोर्टलैंड प्लेस रीजेंट पार्क के लिए मार्ग जारी रखते हैं।


Thursday, 28 November 2019

साफ़ा(पगड़ी) बांधना एक अद्भुत कला है। How to Tie a Turban Part 8

साफ़ा(पगड़ी) बांधना एक अद्भुत कला है।


हजारों वर्षों से, मानव ने कला क्षेत्र में महारत हासिल की है। दुनिया में जहां भी कोई इंसान है, उसने अपने सिर को ढँकने का कोई न कोई तरीका ढूंढ लिया है। बाद में यह एक फैशन बन गया। उन्हें आगे चलकर धर्म का रूप मिला। फिर धर्म के अनुसार पगड़ी आई और तैयार की गई। सभी के अलग-अलग तरीके हैं। लेकिन आज भी, अगर किसी प्रसंग में पगड़ी नहीं है, तो प्रसंग के महत्व को कम कर देता है। वैसे पगड़ी और प्रसंग का अपना महत्व है। आज हम केवल दूल्हे की पगड़ी के बारे में बात करेंगे। दूल्हा बिना पगड़ी के बाराती की तरह दिखेगा। दूल्हा पगड़ी में राजा लगता है, शायद इसलिए उसे "दूल्हे राजा" कहते है। वैसे, पगड़ी बांधना बहुत बड़ी कला है। हर कोई पगड़ी बांधना सीखना चाहता है। आज हम आपको दिखाएंगे कि दूल्हे को पगड़ी कैसे बांधें?
How to tie the grooms turban|दूल्हा अपनी पगड़ी कैसे बांधता है| part 8




Wednesday, 27 November 2019

How to fix your broken laptop screen

How to fix your broken laptop screen



Before starting, ensure you have the proper tools. Here’s what works for most laptops:
•Table or other flat working area: You’ll need a spot to sit (or stand, if that’s your thing) with a flat area to work on your laptop.
•Small-head magnetic Philips screwdriver: If you don’t have a magnetic-head screwdriver, try to find a magnet big enough to magnetize the driver head. This helps the screws stick to the head, making it much easier to remove and replace the screws without cursing as they fall all over the place.
•Plastic putty knife or other thin object: This is optional, to aid in prying apart the screen bezel from the case. Personally, my finger nails usually do the trick. If you do use another object, ensure its thin enough but not so sharp that it will leave scrapes or other evidence of prying.
•Safety pin or needle: This is for removing the cover stickers that are hiding the screws on your laptop’s surrounding cover, called the bezel.
•Small bowl or other container: This is for stashing the small screws—and keeping them safe from curious cats and children.
These general steps work for most laptops:
1. Ensure the laptop is unplugged from the AC adapter. Remove the laptop battery as well.
2. Find the round cover stickers that are hiding the screws on the screen bezel, the case surrounding the screen. These stickers are usually on the bottom of the bezel, near the screen hinges, when you have the screen opened. You should find one on each side of the screen.
Use a sharp, pointy object—like an opened safety pin or needle—to help remove the cover stickers without damaging them. Stick it between the edge of the cover and bezel, and then pry the sticker away. Once removed, place the covers in a safe spot, with the sticky side up to help ensure there’s enough stickiness when you place them back on.
3. Use your screwdriver to remove the now-exposed screws. Carefully start prying the screen bezel away from the back side of the screen case. Work a fingernail or other thin, prying object into the crack around the outside of the screen. The bezel is usually secured to the back case with plastic snaps, so give it some force while prying—but not too brutish. You’ll hear the unsnapping of the fasteners when prying.
Once the bezel is fully removed, you’ll find the LCD secured to a metal trim frame on the left and right sides. Remove the two screws (one on each side, on the top) holding the trim frame pieces to the back-screen case. Now, you should be able to lift the LCD (with the trim frame pieces attached) slightly away from the back-screen case.
4. On each of the trim frames’ sides, remove any screws that are securing it to the LCD..
Now you should be able to set the LCD face-down onto the keyboard. Be careful not to put excessive force on the video cable attached to the back of the LCD. Disconnect the video cable from the back of the LCD. If so, keep in mind that the portion of the cable running down the screen is usually stuck on the back of the screen with some mild adhesive. Just gently pull the cables away from the screen. You usually must remove tape that’s securing the video connector to the back of the screen as well. When you get to the point of pulling the video cable out of the screen connector, it should unplug with little force.
Once you've fully removed the broken LCD, simply place the new one face-down like you did the old one. Reattach the video cable to the connector and place the cables and any tape just like they were for the old one.
5. Set the new screen up in the side trim frame pieces, then re-secure it like the old one was: usually three screws in each side of the trim frame pieces, and then a screw on top of each to secure it to the back-screen case.
6. When you get to the point of putting the bezel back on, just line it up and push/squeeze the bezel back into the snaps of the rear screen case. Before replacing the bezel screws, ensure the bezel is fully snapped in place and no crack exists around the edges of the screen case. Lastly, use that safely pin or needle to reattach the sticky screw covers.
If all went well, you now should have a shiny new working laptop screen. Put the battery back in and test it out!

दीव के फुदम गांव में चोरों की फोटो CCTV CAMERA में कैद हो गई।

दीव के फुदम गांव में चोरों की फोटो CCTV CAMERA में कैद हो गई।
Fudam Diu- CCTV Image- thieves


भारत का एक ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है जहाँ पर लोग शांति से रहते है। उस प्रदेश का नाम है दीव। दीव-दमन और दादरा नगर हवेली भारत का छोटा सा केंद्र शासित प्रदेश है। दीव के ज्यादातर लोग विदेशो में बसे हुए है। उन लोगों के घर खाली पड़े है। बंध घरों को अब चोरों ने आसानी से टारगेट करना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ बर्षो से दीव के गाँवो में चोरी की वारदाते बढ़ती जा रही है। कुछ कुछ समयांतरे चोरी की वारदाते होती रहती है।



आप इस सीसीटीवी की फुटेज में देख सकते है।दीव के फुदम गांव में आज रात को चोरो ने चोरी करने की कोशिश की लेकिन उनको पता नहीं था की सीसीटीवी केमेरा उनको देख रहे है। जिस घर में केमेरा लगा है वहा पता चलता है लेकिन जहां केमेरा नहीं है वहां पता नहीं चलता है।
अब सवाल यह है कि ये चोर इतनी आसानी से गाँव में कैसे घुस जाते हैं? क्या उन लोगों को कोई डर नहीं है? क्या कारण है कि इन गांवों में चोर निडर होकर घूम रहे हैं? कई घर ऐसे भी हैं जहां केवल बुजुर्ग लोग अकेले रहते हैं।
अब प्रश्न आप लोगो पे छोड़ता हूँ, यह चोरी कब बंध होगी? क्या कोई बड़ा हादसा होने तक का इंतजार है? उन चोरों को हिम्मत कहाँ से मिलती है? क्या जनता और प्रशासन सोता रहेगा? क्या दीव एक स्मार्ट सिटी के लिस्ट में सही है? दीव की जनता, प्रशासन और चोर में से कौन स्मार्ट है? सोचिये और कमेंट करें।

Monday, 25 November 2019

भारत से कैसे गायब कर दिया गया, शरीर के लिए सर्वश्रेष्ठ क्षारीय तत्त्व?

भारत से कैसे गायब कर दिया गया, शरीर के लिए सर्वश्रेष्ठ क्षारीय तत्त्व? 


बहुत लोगो को तो ये भी नही पता होगा सेंधा नमक बनता कैसे है?
 आइये आज हम आपको बताते हैं कि नमक मुख्य कितने प्रकार होते हैं। एक होता है समुद्री नमक दूसरा होता है सेंधा नमक। सेंधा नमक बनता नहीं है पहले से ही बना बनाया है। पूरे उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में खनिज पत्थर के नमक को ‘सेंधा नमक’ या ‘सैन्धव नमक’, लाहोरी नमक आदि आदि नाम से जाना जाता है। जिसका मतलब है ‘सिंध या सिन्धु के इलाक़े से आया हुआ’। वहाँ नमक के बड़े बड़े पहाड़ है सुरंगे है। वहाँ से ये नमक आता है। मोटे मोटे टुकड़ो में होता है। आजकल पीसा हुआ भी आने लगा है यह ह्रदय के लिये उत्तम, उद्दीपन और पाचन में मदद रूप, त्रिदोष शामक, शीतवीर्य अर्थात ठंडी तासीर वाला, पचने में हल्का है। इससे पाचक रस बढ़ते हैं। तो अंत: आप ये समुद्री नमक के चक्कर से बाहर निकले। काला नमक, सेंधा नमक प्रयोग करे, क्यूंकि ये प्रकृति का बनाया है, ईश्वर का बनाया हुआ है।
भारत मे 1930 से पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था। विदेशी कंपनीया भारत में नमक के व्यापार में आज़ादी के पहले से उतरी हुई है, उनके कहने पर ही भारत के अँग्रेजी प्रशासन द्वारा भारत की भोली भाली जनता को आयोडिन मिलाकर समुद्री नमक खिलाया जा रहा है।

हुआ ये कि जब ग्लोबलाईसेशन के बाद बहुत सी विदेशी कंपनियो ने नमक बेचना शुरू किया तब ये सारा खेल शुरू हुआ। अब समझिए खेल क्या था? खेल ये था कि विदेशी कंपनियो को नमक बेचना है और बहुत मोटा लाभ कमाना है और लूट मचानी है तो पूरे भारत में एक नई बात फैलाई गई कि आयोडीन युक्त नमक खाओ। आप सबको आयोडीन की कमी हो गई है। ये सेहत के लिए बहुत अच्छा है आदि आदि बातें पूरे देश मे प्रायोजित ढंग से फैलाई गई। और जो नमक किसी जमाने मे 2 से 3 रूपये किलो में बिकता था उसकी जगह आयोडीन नमक के नाम पर सीधा भाव पहुँच गया 8 रूपये प्रति किलो और आज तो 20 रूपये को भी पार कर गया है।

दुनिया के 56 देशों ने अतिरिक्त आयोडीन युक्त नमक 40 साल पहले निषेध कर दिया। अमेरिका में नहीं है, जर्मनी में नहीं है, फ्रांस में नहीं ,डेन्मार्क में नहीं , डेन्मार्क की सरकार ने 1956 में आयोडीन युक्त नमक बैन कर दिया क्यों? उनकी सरकार ने कहा हमने आयोडीन युक्त नमक खिलाया !(1940 से 1956 तक ) अधिकांश लोग नपुंसक हो गए! जनसंख्या इतनी कम हो गई कि देश के खत्म होने का खतरा हो गया! उनके वैज्ञानिको ने कहा कि आयोडीन युक्त नमक बंद कराओ तो उन्होने बैन लगाया। और शुरू के दिनो में जब हमारे देश में ये आयोडीन का खेल शुरू हुआ इस देश के बेशर्म नेताओ ने कानून बना दिया कि बिना आओडीन युक्त नमक भारत में बिक नहीं सकता। वो कुछ समय पूर्व किसी ने कोर्ट में मुकदमा दाखिल किया और ये बैन हटाया गया।

आज से कुछ वर्ष पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था सब सेंधा नमक ही खाते थे।


सेंधा नमक के फ़ायदे:-
ये नमक शरीर में पूरी तरह से घुलनशील है। और सेंधा नमक की शुद्धता के कारण आप एक और बात से पहचान सकते हैं कि उपवास ,व्रत में सब सेंधा नमक ही खाते है। तो आप सोचिए जो समुद्री नमक आपके उपवास को अपवित्र कर सकता है वो आपके शरीर के लिए कैसे लाभकारी हो सकता है?

सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप और बहुत ही गंभीर बीमारियों पर नियन्त्रण रहता है । क्योंकि ये अम्लीय नहीं ये क्षारीय (alkaline) है। क्षारीय चीज जब अमल में मिलती है तो वो न्यूट्रल हो जाता है और रक्त अमलता खत्म होते ही शरीर के 48 रोग ठीक हो जाते हैं ।
यह पाचन में सहायक होता है और साथ ही इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है जो हृदय के लिए लाभकारी होता है। यही नहीं आयुर्वेदिक औषधियों में जैसे लवण भाष्कर, पाचन चूर्ण आदि में भी प्रयोग किया जाता है।

सेंधा नमक शरीर मे 97 पोषक तत्वो की कमी को पूरा करता है ! इन पोषक तत्वो की कमी ना पूरी होने के कारण ही लकवे (paralysis) का अटैक आने का सबसे बड़ा जोखिम होता है। सेंधा नमक के बारे में आयुर्वेद में बोला गया है कि यह आपको इसलिये खाना चाहिए क्योंकि सेंधा नमक वात, पित्त और कफ को दूर करता है।

समुद्री नमक के भयंकर नुकसान :-
ये जो समुद्री नमक है आयुर्वेद के अनुसार ये तो अपने आप में ही बहुत खतरनाक है।क्योंकि कंपनियाँ इसमे अतिरिक्त आयोडीन डाल रही है। अब आयोडीन भी दो तरह का होता है एक तो भगवान का बनाया हुआ जो पहले से नमक मे होता है। दूसरा होता है “industrial iodine” ये बहुत ही खतरनाक है। तो समुद्री नमक जो पहले से ही खतरनाक है उसमे कंपनिया अतिरिक्त industrial iodine डाल के पूरे देश में बेच रही है। जिससे बहुत सी गंभीर बीमरिया हम लोगो को आ रही है। ये नमक मानव द्वारा फ़ैक्टरियों मे निर्मित है।

आम तौर से उपयोग में लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप (high BP ) ,डाइबिटीज़, आदि गंभीर बीमारियो का भी कारण बनता है। इसका एक कारण ये है कि ये नमक अम्लीय (acidic) होता है। जिससे रक्त अम्लता बढ़ती है और रक्त अमलता बढ़ने से ये सब 48 रोग आते है। ये नमक पानी में कभी पूरी तरह घुलता नहीं है, हिरे (diamond) की तरह चमकता रहता है इसी प्रकार शरीर के अंदर जाकर भी नहीं घुलता और इसी प्रकार किडनी से भी नहीं निकल पाता और पथरी का भी कारण बनता है।

ये नमक नपुंसकता और लकवा (paralysis ) का बहुत बड़ा कारण है समुद्री नमक से सिर्फ शरीर को 4 पोषक तत्व मिलते है। और बीमारिया जरूर साथ में मिल जाती है।

आप इस अतिरिक्त आयोडीन युक्त समुद्री नमक खाना छोड़िए और उसकी जगह सेंधा नमक खाइये। सिर्फ आयोडीन के चक्कर में समुद्री नमक खाना समझदारी नहीं है, क्योंकि जैसा हमने ऊपर बताया आयोडीन हर नमक में होता है, सेंधा नमक में भी आयोडीन होता है बस फर्क इतना है इस सेंधा नमक मे भगवान द्वारा बनाया आयोडीन होता है इसके अलावा आयोडीन हमें आलू, अरवी के साथ-साथ हरी सब्जियों से भी मिल जाता है। आयोडीन लद्दाख को छोड़ कर भारत के सभी स्थानों के जल में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है।

Sunday, 24 November 2019

भारत में कैंसर का इलाज कहाँ कहाँ होता है?


भारत में कैंसर का इलाज कहाँ कहाँ होता है?


कैंसर का पूर्ण रूप से उपचार अभी तक संभव नहीं हो पाया है। आधुनिक उपचार के साथ यदि आयुर्वेद उपचार लिया जाता है तो रोगी की जिंदगी कुछ लंबी एवं आसान हो जाती है।
अब भारत में भी कैंसर से लड़ने के लिए उचित हॉस्पिटल्स और डॉक्टर्स मौजूद हैं
चाहे कैंसर कोई भी हो, जैसे की
1.  हार्ट कैंसर
2. स्पाइन कैंसर
3.किडनी कैंसर
4. ब्रैस्ट कैंसर
5. बोन कैंसर
6. लंग कैंसर
और भी अन्य कैंसर का इलाज अब संभव है। अगर आप या आपके किसी परिचित को ऐसी किसी परेशानी से सामना करना पड़ रहा है तो इस विशेषज्ञ डॉक्टर से कंसल्ट करें|


Saturday, 23 November 2019

मिर्गी क्या होता है? मिर्गी के क्या लक्षण है और मिर्गी के क्या कारण है?

मिर्गी क्या होता है? मिर्गी के क्या लक्षण है और मिर्गी के क्या कारण है?


*मिर्गी क्या होता है?
मिर्गी एक प्रकार का मस्तिष्क से संबंधित विकार है। जो मुख्य रुप से तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इस बीमारी के होने की स्थिति में मरीज के नर्वस सिस्टम में रुकावट पैदा होने लगती है, जिसकी वजह से दिमाग शरीर के अन्य भाग में सूचना नहीं भेज पाता है।
जिसके परिणाम स्वरूप व्यक्ति अपनी संवेदनाएं और भावनाओं को प्रकट करने की क्षमता थोड़ी देर के लिए रुक जाता है। ऐसी स्थिति में सामान्य तौर पर अलग-अलग सा व्यवहार करने लगता है। इसके अलावा मरीज की मांसपेशियां ऐठने लगती हैं, और ज्यादातर मामलों में मरीज बेहोश हो जाते हैं। मरीज को समय-समय पर झटके भी महसूस हो सकते हैं, जिसे मिर्गी का दौरा कहा जाता है।

*मिर्गी के क्या लक्षण है?
यदि हम मिर्गी के लक्षण के बारे में यदि बात करें तो प्रत्येक मरीज में मिर्गी के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। आइए जानते हैं मिर्गी के कुछ सामान्य लक्षण के बारे में।
. बेहोश हो जाना
. अचानक से सुध बुध खो देना
. मुंह से झाग निकलना
. समय-समय पर चक्कर आना
. भ्रम की स्थिति का पैदा होना।
. हमेशा थकान महसूस करना
. मांसपेशियों में अकड़न
. सोचने समझने की क्षमता प्रभावित होना
. स्वाद अथवा गंध में बदलाव आना

*मिर्गी के क्या कारण है?
मिर्गी यूं तो कई कारणों की वजह से हो सकता है। इनमें कुछ गंभीर बीमारियों के साथ-साथ कोई गंभीर हादसा या फिर सिर पर लगी चोट भी शामिल हो सकती है आइए जानते हैं मिर्गी के कुछ मुख्य कारणों के बारे में।
.  दिमागी तौर पर विकास में कमी के कारण
.  दिमाग में असामान्य रूप से रक्त वाहिकाओं की वजह से
. किसी हादसे की वजह से गंभीर रूप से मानसिक क्षति होने के कारण
. गर्भ में किसी हादसे की वजह से चोट लगने के कारण
. जन्म के समय मेटाबॉलिज्म से संबंधित समस्या होने के कारण
. सिर पर चोट लगने के बाद अत्यधिक खून बहने के कारण
. अनुवांशिक या फिर पारिवारिक इतिहास भी मिर्गी के लिए जिम्मेदार हो सकता है

भारत के स्वदेशी सोशल मीडिया से पैसे की बारिश होगी

भारत के स्वदेशी सोशल मीडिया से पैसे की बारिश होगी आज कोरोना युग में लॉक डाउन की स्थिति में हर कोई घर में बैठा है। किसी को भोजन नहीं मिलता और...